हर मत मानो
आदमी और गधे की कहानी – ज़िंदगी में समस्या चल रही है कुछ समझ नहीं आ रहा है अगर सपनो के शहर में हारने का मन कर रहा है सब कुछ छोड़कर सामान्य जिंदगी जीने का मन कर रहा है तो ये कहानी आपको हिम्मत देगी और इस छोटी सी कहानी से आपको काफी कुछ सिखने को मिलेगा यह कहानी है एक आदमी और एक गधे की इस कहानी को ध्यान से समझना क्योकि यह कहानी आपकी सोच एक आदमी एक जंगल से जा रहा होता है उसके पास एक गधा होता है थोड़ी दूर चलने के बाद वह गधा एक गड्ढे में गिर जाता है वह गधा काफी कोशिश करता है उस गड्ढे से बहार निकलने की लेकिन काफी मेहनत के बाद भी वह गधा उस गड्ढे से बहार निकल ही नहीं पा रहा होता है।
उस आदमी ने भी अलग-अलग उपाए सोचे गधे को गड्ढे से बहार निकालने के लिए लेकिन वह आदमी हार मानकर यह सोच लेता है की उसकाकाफी गधा उस गड्ढे से बहार नहीं निकल सकता।
वह आदमी ज्यादा सोच नहीं पाता है और यह विचार बनाता है की इस गधे को अब इसी गड्ढे में दफ़न कर देना चाहिए ताकि इसे कोई जानवर मार कर खा ना ले।
आदमी को थोड़ी ही दूर मिटटी का एक ढेर दिखाई देता है वह आदमी मिटटी के ढेर से मिटटी उस गधे के ऊपर डालता है लेकिन कमाल की बात तो ये होती है गधा दफ़न होने की बजाये मिटटी के सहारे ऊपर आने लगता है।
यह देखकर वह आदमी खुश होता है और सोचता है की मैं तो इसे दफ़न करने वाला था अब अगर मैं इस गड्ढे को ही भर दू तो मेरा गधा ऊपर आ जायेगा। इसी प्रकार वह आदमी उस गड्ढे में मिटटी डालता है और गधा ऊपर आ जाता है।
दोस्तों इसी तरह जब हमारे जीवन में भी कई दिक्कत या परेशानी आती है तो उसे हम सिर्फ अपने दिमाग में ही सोचते रहते है की इस प्रॉब्लम को हम कैसे सॉल्व करे और दिमाग में ही सोच लेते है की अब ये प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगा और उसे छोड़ देते है।
हमे उस प्रॉब्लम के लिए एक्शन लेना होगा और जब हम उसे एक्चुअल में करने जायेंगे तो हमें और भी सारे आइडियाज आने लगेंगे की कैसे करे और वह एकदम आसानी से हो जायेगा।
तो आशा करते है की आपको इस कहानी से अच्छी सिख मिली होगी और आपके अगर आप किसी प्रॉब्लम में है तो सिर्फ सोचिये मत उस पर एक्शन लीजिये और जितना आप उस प्रॉब्लम के बारे में सोच रहे ही की कठिन होगा जब आप करने जायेंगे तो वह एकदम सरल हो जायेगा।
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